जम्मू-कश्मीर में आये भूकंप के झटके….

श्रीनगर : जम्मू एवं कश्मीर में बुधवार को रिक्टर पैमाने पर 3.5 की तीव्रता के भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। मौसम विभाग ने यह जानकारी दी। किसी के हताहत होने या कोई नुकसान होने की खबर नहीं है। मौसम विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि जम्मू एवं कश्मीर क्षेत्र में सुबह 9.52 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए और इसका केंद्र धरती के अंदर 15 किलोमीटर की गहराई में था। घाटी भूगर्भीय रूप से भूकंप संवेदनशील जोन में स्थित है।
भूकंप आए तो क्या करें, क्या न करें
भूकंप आने के वक्त यदि आप घर से बाहर हैं तो ऊंची इमारतों, बिजली के खंभों आदि से दूर रहें। जब तक झटके खत्म न हों, बाहर ही रहें। चलती गाड़ी में होने पर जल्द गाड़ी रोक लें और गाड़ी में ही बैठे रहें। ऐसे पुल या सड़क पर जाने से बचें, जिन्हें भूकंप से नुकसान पहुंचा हो। भूकंप आने के वक्त यदि आप घर में हैं तो फर्श पर बैठ जाएं। मज़बूत टेबल या किसी फर्नीचर के नीचे पनाह लें। टेबल न होने पर हाथ से चेहरे और सिर को ढक लें। घर के किसी कोने में चले जाएं और कांच, खिड़कियों, दरवाज़ों और दीवारों से दूर रहें। बिस्तर पर हैं तो लेटे रहें, तकिये से सिर ढक लें। आसपास भारी फर्नीचर हो तो उससे दूर रहें। लिफ्ट का इस्तेमाल करने से बचें, पेंडुलम की तरह हिलकर दीवार से टकरा सकती है। लिफ्ट और बिजली जाने से भी रुक सकती है लिफ्ट। कमज़ोर सीढ़ियों का इस्तेमाल न करें, आमतौर पर इमारतों में बनी सीढ़ियां मज़बूत नहीं होतीं। झटके आने तक घर के अंदर ही रहें और झटके रुकने के बाद ही बाहर निकलें। अगर आप भूकंप के दौरान मलबे के नीचे दब जाएं तो माचिस हरगिज़ न जलाएं क्‍योंकि इस दौरान गैस लीक होने का खतरा हो सकता है। हिलें नहीं, और धूल न उड़ाएं। किसी रूमाल या कपड़े से चेहरा ज़रूर ढक लें। किसी पाइप या दीवार को ठकठकाते रहें, ताकि बचाव दल आपको तलाश सके। यदि कोई सीटी उपलब्ध हो तो बजाते रहें। यदि कोई और जरिया न हो, तो चिल्लाते रहें, हालांकि चिल्लाने से धूल मुंह के भीतर जाने का खतरा रहता है, सो, सावधान रहें।

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